उत्तराखण्ड त्रासदी पर

शिव को दोष मत दे रे ऐ बेगैरत इंसान
दुषकर्मों का मिल रहा है ये तुझको ईनाम…1

uttarakhand flood 2013

शीश झुका मैं कर रहा था अपने शिव का ध्यान
तब चुपके से आया था वो नरभक्षी हैवान…2

आफत में जब पडी हुई थी उन लोगों की जान
मानवता को कुचल रहे थे तब भी कुछ शैतान…3

पर्वत नदीयाँ वृक्ष धरा ही हैं असली भगवान
इनकी रक्षा करके ही अब बच सकती है जान…4

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9 thoughts on “उत्तराखण्ड त्रासदी पर

  1. बिलकुल सही कहा आपने , लोग अपनी झोली में नही झाकते है और ईश्वर को ही दोष देते है . पुरे जंगल साफ़ कर डाले गंगा जी पर नित्य नए बाँध बना डाले। आज जब माँ अपना प्रचंड रूप दिखा रही है तो इन्हें बुरा लग रहा है। पुर कुम्भ बीत गया पर इन्होने पानी नहीं छोड़ा , लोगो की आस्था का मजाक उड़ता रहा। तब कोई नहीं बोला। काफी अछा लिखा है आपने।

  2. Insan ye tak bhool gaya tha bahan k hum khuda ke ghar me h.apni napak harkaton ko usne bahan bhi kiya
    Or anjam hum sabhi ke samne h aj.. Becouse Me sirf ye hi kahna chahta hu sabhi se ki abhi sirf ak traler tha ager abhi hum log abhi bhi nhi sambhle to to fir picture dekhne ke liye tayyar rho base bhi hum lpgon ko picture dekhne ka bohat sok h.

    Or apne apne sabdon se khoob kahA h.
    You’re A good writer.

  3. फिर भी हार न मानेंगे
    चाहे कितने कहर बरश ले
    या आये आन्धी तूफ़ान
    चाहे प्रकृति रोक ले रस्ता
    चाहे मच जाये घमासान
    हम मानव है
    हार नही मानेगे
    हार नही मानेगे||

  4. माँ बाप मुख देखते थे जिन का हर घड़ी
    कायम थी जिन के दम से उमीदे बड़ी बड़ी
    मारी ना थी ख़्वाब मैं भी जिन को kabi फूलो की शरी
    महरूम जब वो गुल हए अबे हयात से
    उन को जला के खाख किया अपने ही हाथ से

  5. prakrti sarvopari hai iska ehsas tab hota hai jab koi kary ya ghatna hmare kabu me nahi hoti, to hum bhagwan ko pukarte hain. exm.bheesad baris, bheesad aag, bheesad aandhi,etc

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