विश्वास

मेरे आफिस के नीचे कोई 70-75 साल का एक बुढा अक्सर भीख माँगता है. आज आफिस पहुँचा तो भीग चुका था, सुबह से ही बारिश हो रही थी. जल्दी-जल्दी सीढियाँ चढते हुए उस भिखारी पर नजर पडी. एक अजीब सी मायूसी झलक रही थी चेहरे पर. बारिश के चलते लोगों की आवाजाही कम थी शायद इस लिये उदास था. तभी मेरी नजर कुछ बच्चों पर पडी जो बारिश में भीगे थे. वो दौड कर उस भिखारी के पास आये और उससे बातें करने लगे. कुछ उत्सुकता सी हुई, मैं रुक गया और उनकी बातें सुनने लगा. उन बच्चों के हाथों में पैन के बंडल थे और वो भिखारी को पैन दिखाने लगे. भिखारी ने मुस्कुरा कर कहा, “मुझे नहीं चाहिये”. नहीं बाबा हम तुम्हें ये पैन बेचने नहीं आए. तुम बस इन पर हाथ रख दो तो ये हमारे सभी पैन बिक जायेंगे, बच्चे ने बडे विश्वास के साथ कहा. वो बुढा भिखारी आँखों में आँसू लिये अपलक उस बच्चे को निहारता रहा और पैन के बंडल पर हाथ रख कर आशिर्वाद दिया. वो बच्चे खुश होकर सिग्नल की तरफ दौडे.

बुढे के चेहरे पर मायूसी की जगह अब एक चमक थी. पता नहीं क्यों? कुछ मिला तो नहीं था उसे. हाँ, कुछ ले गये थे वो बच्चे उससे. कुछ मैंने भी महसूस किया था अपने चेहरे पर. कुछ बारिश जैसी ही तो थीं वो आँसूं की बूँदें.

(ये घटना दिल्ली के क्नाट प्लेस, जनपथ की है)

 

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14 responses to “विश्वास

  1. sir aapke dvara likhi gayi bahut si kahani maine padi. jinme vikram-vetal ki bhi maine sabhi kahaniya padi.aapki kahaniya padne se mujhe bahut achha lagta hai.aapse request hai ki aap ishi tarah kayi kahaniya likhe jinse hume kuch shikhne ko mile.

  2. ati uttam….maine bhi ek chota sa prayas prarambh kiya hai kripya visit zarur karen….. http://www.Dhundhliyaaden.blogspot.com

  3. Very good story. It inspired me and gave a smile.
    “Sundar Prayas.”

  4. ‘बच्चे खुश होकर सिग्नल की तरफ दौडे’, बच्चों ने पेन बेचना छोड़ उससे लिखना शुरू किया या नहीं? देश के भिखारियों के आशीर्वाद की सार्थकता कब सिद्ध होगी? सवाल है.

  5. SUCH HAI AISA LAGTA HUME BHAGWAN DEKH RAHA

  6. sir mai reena dhanbad se. mai bhi hamesha dushare ko khush dekhana chahati thi magar loge mere khushi ka is tarah majah kiya ki mai kya kahu meri age 41 hai. aur meri shadi nahi huyee hai. kayee kakro ne mere feeling ka fayada uthaya.
    mujhe vishwas hamesha rehta ki ishwar har bar ki tarah mujhe jarur bacha lege magar woh is bar nahi bachaya.

  7. reena ji kisi pe ankh band karke bharosa karoge to dhoka to milega he demag kis liye hota hai

  8. it is really inspired story.it also give peace my mind.

  9. Kisi ke man se heen bhav mita dene ka yh acha udharan h…:)