कर्त्तव्य की भावना

यह काफी पुरानी घटना है। मद्रास प्रांत के एक स्टेशन के निकट एक पॉइंटमैन अपना पॉइंट (वह उपकरण जिससे गाड़ियों का ट्रैक बदला जाता है) पकड़े खड़ा था। दोनों ओर से दो गाड़ियां अपनी पूरी गति से दौड़ी चली आ रही थीं। उस दिन मौसम खराब था और वह आंधी-तूफान का संकेत दे रहा था। ऐसे भयावह मौसम में रोशनी के भी भरपूर साधन नहीं थे। पॉइंटमैन अपने काम के लिए मुस्तैदी से तैयार था। तभी उसे अपने पैरों पर कुछ रेंगता हुआ महसूस हुआ। उसने देखा तो दंग रह गया। एक सांप उसके पैरों से लिपट रहा था। पॉइंट उसके हाथ में था।

डर के कारण उसकी घिग्घी बंध गई। किंतु तभी उसने सोचा कि यदि वह पॉइंट हाथ से छोड़ देगा तो ऐसे में दोनों गाडि़यां परस्पर भिड़ जाएंगी और असंख्य लोगों की मृत्यु हो जाएगी। सांप के काटने से तो अकेले सिर्फ उसकी जान जाएगी लेकिन असंख्य लोगों की जान बच जाएगी। कम से कम मरते-मरते वह असंख्य लोगों की जान बचाने का पुण्य तो अजिर्त कर ही लेगा। यह सोचकर वह बिना हिला-डुले पॉइंट को पकड़े खड़ा रहा। कुछ ही देर में दोनों रेलगाडि़यों की घड़घड़ाहट तेज हुई और रेलगाडि़यां आराम से पॉइंट मैन के द्वारा पकड़े गए पॉइंट की सहायता से अलग-अलग ट्रैक पर निकल गईं। उधर सांप रेलगाडि़यों की घड़घड़ाहट सुनकर पॉइंटमैन का पैर छोड़कर चला गया। रेलगाडि़यों के जाने के बाद जब पॉइंटमैन का ध्यान अपने पैरों की ओर गया तो वह यह देखकर दंग रह गया कि वहां कुछ न था।

यह देखकर उसके मन से स्वत: ही निकला, ‘सच ही है, जो इंसान सच्चे मन से लोगों की मदद करते हैं उनकी सहायता ईश्वर स्वयं करते हैं। ‘बाद में जब इस घटना का पता अधिकारियों को चला तो उन्होंने न सिर्फ पॉइंट मैन को शाबासी दी अपितु उसे पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।

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4 responses to “कर्त्तव्य की भावना

  1. उस कर्मचारी की कर्तव्य भावना को सैल्यूट।

  2. Bahut achhi kahaniya hai.aur bhi post kijiye.

  3. bhagwan unhi ki sahayta karta hai jo dusro ki sahayta ke liye shadaiw tatpary rahte hain

  4. Very good story. This blog is a nice collection of inspirational Hindi stories. Thank you and the best wishes for blog administrator.