हरिद्वार, ऋषिकेश, चम्बा, न्यू टिहरी और टिहरी डैम की सैर – यात्रा भाग-1

23 जनवरी को शाम को ऑफिस से निकलते-निकलते 7 बज गये. शाम को इस समय गुडगाँव के शंकर चौक पर जाम रोजमर्रा की समस्या है. यहाँ से निकले, तो धौला कुँआ में भी बुरी तरह ट्रैफिक जाम था. किसी तरह रावतुला राम मार्ग से होते हुऐ आर.के.पुरम से निकल कर रिंग रोड पकडा. रिंग रोड पर जाम कम था लेकिन गाडी केवल रेंग भर रही थी.

यह एक लम्बा सप्ताहांत था. रह रह कर अफसोस हो रहा था कि कहीं घूमने जाने का प्रोग्राम क्यों नहीं बन पाया. तभी रमेश का फोन आ गया… हैलो…भैया.. हाँ … कहाँ हो.. हाँ मैं लाजपत नगर में हूँ. भैया जल्दी आ जाओ. क्यों? क्या हुआ. भैया हरिद्वार का प्रोग्राम बन गया है. आप, मैं और रणवीर. अरे वाह! मेरे मुँह से निकल पडा, मजा आ गया. बस फिर क्या था. ड्राईवर को बोला यार थोडा तेज चलाओ और घर पर फोन करके बैग तैयार करने के लिये बोल दिया.

साढे नौ बजे घर पहुँचा, रमेश और रणवीर को फोन किया. रात को ग्यारह बजे निकलने का टाइम फिक्स हुआ. राणा (रणवीर) और रमेश को खाना पैक करने का आर्डर देकर मैं सैलीब्रेशन की तीन बौटल ले आया. करीब पौने ग्यारह बजे रमेश गाडी लेकर मेरे घर के नीचे आ गया और हार्न पर हाथ रख कर बैठ गया. निकलते-निकलते सवा ग्यारह बज गये. राणा तो गाडी में बैठते ही सो गया.

Delhi to Rishiesh

Delhi to Rishiesh

अब प्रोग्राम ये बना की करीब सौ किलोमीटर जाने के बाद खाना खाऐंगे. लेकिन पीना चलता रहेगा. पचास-पचपन की रफतार से गाडी चल रही थी. थोडे-थोडे खुले शीशे से आती ठंडी हवा चहरे से लगातार टकरा रही थी. एक दो बार ठंडी झुर्झुरी से बदन कंपकंपा गया. दो-दो पैग हम मार चुके थे. पिछली सीट पर मैं अकेला था. धीरे-धीरे नींद मुझे अपने आगोश में भरने लगी थी कि तभी एक झटके के साथ गाडी रूक गयी. पिछला टायर पंक्चर था.

tyre-puncture-delhi-to-rishikesh

रमेश ने टायर बदला, मैं फोटो शूट कर रहा था और राणा, आलसी राम, आराम से खडा हुआ हमें बस देख रहा था. बीस मिनट में टायर बदलकर गाडी फिर से सडक पर दौडने लगी.

पेट में चुहे कुद रहे थे. वैसे दाल-मक्खनी और दो नान हम चलती गाडी में ही निपटा चुके थे. मगर टायर बदलते समय सब खाना पच गया. रात के तीन बजे थे, खतौली के पास एक राजस्थान-मारवाडी ढाबे पर गाडी रोक दी.

Rajasthani Marwari Hotel

Rajasthani Marwari Hotel

ढाबे वाले को मटर-पनीर और रोटी का आर्डर देते हुऐ उससे कहा कि हमारी दाल और नान भी गर्म कर दो. वैसे वो सैट (पिये हुऐ) हो रखा था. उसने बिना हील-हुज्जत के साफ मना कर दिया कि मैं नहीं करूंगा. मुझे पता था कि उसे कैसे लाईन पर लाना है.

Dhabe Wala - Delhi to Rishikesh Enroute

Dhabe Wala - Delhi to Rishikesh Enroute

मैंने झट से कैमरा निकाला और उसको एक स्माईल देने के लिये कहा. वो खुश हो गया और एक पोज़ दिया.

Dhabe Wala With His Beta

Dhabe Wala With His Beta

उसके बाद वो बोला, “एक फोटो मेरी, मेरे बेटे के साथ भी”. दोनों की दो फ़ोटो ले ली. अब वो बोला, “साहब, जरा दाल और नान देना गर्म करना है”. ये फोटो वाली ट्रिक मैंने कई बार ट्राई की है अधिकतर बात बन जाती है.

गर्मागर्म मटर पनीर खाने में मजा आ गया. राणा ने गरम पनीर मुँह में डाला तो उसका मुँह खुला का खुला ही रह गया.

Ramesh and Rana having dinner

Ramesh and Rana having dinner

Hot Mutter Paneer

Hot Mutter Paneer

साढे तीन बज गये थे. खाने के बाद एक-एक कप चाय पी कर हम फिर निकल पडे अपनी मंजिल की ओर.

करीब 6 बजे हम हरिद्वार पहुँच गये थे. बीच में आधा-पौना घंटा मैंने चुपके से नींद निकाल ली थी………………

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9 responses to “हरिद्वार, ऋषिकेश, चम्बा, न्यू टिहरी और टिहरी डैम की सैर – यात्रा भाग-1

  1. दो-दो पैग हम मार चुके थे

    उम्‍मीद है इस ‘हम’ में ड्राइवर शामिल नहीं था। आगे सुनने की प्रतीक्षा है।

  2. प्रयास जी,
    आपकी इस यात्रा की ऐसी की तैसी. पूछो क्यों? बताता हूँ
    आपसे मैंने पहले ही कह दिया था कि शुक्रवार को जब आप हरिद्वार जाओगे, तो वहां पर मुझसे भी मिल लेना. भई, हरिद्वार से दस बारह किलोमीटर पहले बहादराबाद पड़ता है. वहीँ पर अपनी एक गरम झोपडी है. उसमे सर्दी नहीं लगती. अरे मेरे हाथ की चाय पीकर आपकी यात्रा का मजा कई गुना बढ़ जाता.
    पर आपने सोचा होगा कि अगर “इस” सिरदर्द को इन्फोर्म कर दूंगा तो कहीं यह गले की हड्डी ना बन जाये.
    चलो कोई नहीं, पहुँचो हरिद्वार. बाट देख रहा हों.

  3. मुसाफिर भाई,
    गलती के लिये माफी.
    वैसे मेरा प्रोग्राम बिल्कुल आखिरी समय पर बना था. और आप तो नैनीताल जा रहे थे.
    रास्ते में मैंने अपने दोस्तों से आपके बारे में बात की थी.
    अगली बार ध्यान रखूंगा और आप भी.

  4. maza aa gaya photo dekh kar. aur bhi kuch foto ho to dalo

  5. aapki kahani bahut aachi hai

  6. padate padate aisa laga jaise mai apaki yatra me sath hoo.maja aa gaya thanks.

  7. Good,
    Per ye to chota sa hissa hai aappura bhi likh sakte the.

  8. bahut achchha laga apki yatra ke bare me padhkar ! aur age ki yatra ke bare me bhi likho na plz

  9. haridwar me diwali
    baut masa aya dusra swarg nikla