बच्चों की अद्बुत बातें

नन्हे मुन्नों की बातों पर कभी गौर करो तो हँसी भी आती है और आश्चर्य भी. बच्चे कोई भी बात किसी भी बात के साथ मिला देते हैं.

मेरी दो साल की बेटी बहुत बातें बनाती है. एक दिन मैं ट्रफिक जाम की वजह से लेट हो गया तो उसने फोन पर जो बातें की जरा गौर फरमाएं. केवल दो मिनिट और ६ सेकिंड में उसने कितनी ही बातें कर डाली.

vani_

हैलो पापा!
हाँ बेटा
वाणी ना फिर भी कुत्ता बोल रही है.
बेटा कुत्ता मत बोलो, प्लीज़.
मैं तो नहीं बोल रही, आप बोल रहे हो.
हाँ आप तो गुड गर्ल हो ना.
मैं तो आप के लिये खाना बना रही हूँ.
क्या खाना बना रहे हो?
टोस्ट, रोटी.
और?
आजाओ..तो
और क्या खाना बना रहे हो आप?
दूसरी.
क्या दूसरी?
आटा नहीं है ये.
तो क्या है?
चाय है.
अच्छा
खाना भी बना रही हूँ.
अच्छा बेटा बना लो.
आप आजाओ तो फिर से.
आ रहा हूँ बेटा, अभी रास्ते में हूँ.
आजाओ तो…वाणी को मारो आके आप.
क्या?
मारो वाणी को आके.
क्यों?
मारना मत.
नहीं बेटा मैं तो नहीं मारूंगा आपको.
पापा, वाणी तो गाली देती है..और
पापा आई लव यू.
आई लव यू बेटा.
मैं नहीं आ रही अभी.
ठीक है तो मैं आ रहा हूँ.
हैं…जाओ.
जाऊँ?
नहीं आ जाओ आप.
पापा.
बोलो बेटा.
आप आजाओ, मार्कीट चलो सब्जी लेने मुझे भी ले जाओ.
ठीक है ले जाऊँगा.
और मेरे शुज़ भी लाओ.
ले आऊँगा.
और साक्स भी.
और पर्स भी.
अच्छा.
पा..पापा…
बोलो.
क्या कर रहे हो.
मैं घर आ रहा हूँ.
तो आजाओ फिर, आते क्यों नहीं हो.
आ रहा हूँ.
मैं आपके लिये एक रोटी बना दूं.
बना दो.
एक रोटी, फिर घी लगा दूंगी.

मम्मी: दिखा फोन पर कब से बातें कर रही है.
लो मम्मी से बात करो.
मम्मी: हैलो, इसकी बातें खत्म नहीं होंगी आप फोन रख दो. बाये.

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10 responses to “बच्चों की अद्बुत बातें

  1. aajakal ke bache bahut baatain banate hain.

  2. मासूम गुफ्तगू को कविता में ढाल दिया, वाह साहब!

    —मेरा पृष्ठ
    गुलाबी कोंपलेंm

  3. प्रयास जी, नमस्ते
    बढ़िया. बस और क्या कहूं? अभी तो मैं भी बच्चा ही हूँ.

  4. ये बच्चे भि बस तौबा तौबा

  5. अब तो बच्चे बड़े हो गये हैं, पर आपने उनका बचपन याद दिला दिया।

  6. बच्ची की बातें तोबा तोबा 🙂

  7. बचचे कितनी बातें करते हैं यह तो आप जानते ही हैं मेरे बलाग पर कुछ कविताएं हैं अपनी बिटिया को मेरी तरफ से उपहार में दें ( सुनादें)

  8. sahi main ..bahut pyaari bacchi hai aapki…