Daily Archives: सितम्बर 26, 2008

होठों पर कोई प्यास रखो…

तुम भूल जाओ या याद रखो,
कोई आयेगा इसकी आस रखो.

धूप में पिघल जायेंगे सपने,
जुल्फों की छाँव पास रखो.

हौंसलें बुलंद हैं अगर तुम्हारे,
आसमां पर कभी पाँव रखो.

आँखों में जो सपने तैरते हैं,
इनका भी कोई नाम रखो.

रातों के साये से डरते हो तो,
किसी की दुआँएं साथ रखो.

जाम बाद में उठाना पहले,
होठों पर कोई प्यास रखो.

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