छोटी सी मेरी बेटी – एक बाल कविता

Hello Papa

Hello Papa

छोटी सी मेरी बेटी है,
पापा-पापा करती है,
ऑफिस जब मैं जाता हूँ,
वो टाटा-टाटा करती है.

ढले शाम हर दिन जैसे ही,
दरवाज़े पर आती है,
कहाँ रह गये पापा फिर,
वो आजा-आजा करती है.

घर आते ही बैग टटोले,
मंद-मंद मुस्काती है,
क्योँ नहीं लाये बाजा फिर,
वो बाजा-बाजा करती है.

खाना लगते ही टेबल पर,
कँधे पर चढ जाती है,
हॉर्स बनो अब पापा फिर,
वो टुक-टुक घोडा गाती है.

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7 responses to “छोटी सी मेरी बेटी – एक बाल कविता

  1. i like this poeam very much.
    thanks for sharing your thoughts

  2. it was great, nice sweet poem for cute little baby…

  3. बहुत खूब! ढेर सारा प्यार है आपकी कविता में.

  4. bahut achhi kavita likhi ha

  5. बहुत अच्छी लगी कविता. बच्चों का आस पास होना ही हमारी ज़िन्दगी में ढेरों खुशियाँ भर देता है. ईश्वर आपकी बेटी को चिरायु करें, और जीवन का हर सुख प्रदान करें. मैंने भी अपनी प्यारी सी बिटिया के लिए कुछ कविताएं लिखी हैं, समय मिले तो “अभिव्यक्ति” पर “मेरी बेटी” श्रेणी अवश्य देखें
    http://manukavya.wordpress.com/