रास्ता नापो

एक बार मुल्ला नसरूद्दीन अपने घर की छत की मरम्मत कर रहे थे तभी एक भिखारी आया और मुल्ला नसरूद्दीन को आवाज दी. मुल्ला नसरूद्दीन ने पूछा, “क्या है, क्यों चिल्ला रहे हो?” ज़रा नीचे आओ तब बताता हूँ, भिखारी बोला. बडी मुश्किल से काम छोड कर मुल्ला नसरूद्दीन नीचे आये और फिर बोले,”अब कहो”. कुछ पैस मिलेंगे हुज़ूर, भिखारी बोला. मुल्ला नसरूद्दीन ने भिखारी को ऊपर से नीचे तक देखा और कहा ऊपर आ जाओ. भिखारी बहुत खुश हुआ और मुल्ला नसरूद्दीन के साथ-साथ छत पर चला गया. ऊपर पहुँचने के बाद मुल्ला नसरूद्दीन बोले,”नहीं हैं, रास्ता नापो”.

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3 responses to “रास्ता नापो

  1. बहुत अच्छे. जैसे को तैसा.
    सठे साठ्यम समाचरेत.