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शब्दकोष में हिन्दी अनुवाद – क्या सही क्या गलत?

November 4, 2009 · 4 Comments

आज कुछ अंग्रेजी शब्दों का हिन्दी अनुवाद प्राप्त करने शब्दकोष पर जाना हुआ. वहाँ मुखप्रष्ट पर कुछ शब्दों के हिन्दी अनुवाद दिखाई दिये. मुझे लगा कि शायद ये हिन्दी कम और उर्दू अनुवाद ज्यादा हैं.

shabdkosh

शब्दकोष का हिन्दी अनुवाद

Jewel  …………………. ज़ेवर
Privacy  ………………. तख़लिया
Unfortunate ………. बेनसीब
Elegant ……………….. हसीन
Hair …………………….  ज़ुल्फ़
Lock ……………………. ज़ुल्फ़
Behaviour …………… सलूक

मुझे लगता है कि इनका हिन्दी अनुवाद यह होने चाहियें. कृपया आप बताएं क्या सही है. फिर मैं शब्दकोष पर इसकी शिकायत करूंगा.

मेरे अनुसार हिन्दी अनुवाद

Jewel  …………………. गहना
Privacy  ………………. गोपनीयता
Unfortunate ………. दुर्भाग्यपूर्ण
Elegant ……………….. सुरुचिपूर्ण
Hair …………………….  बाल
Lock ……………………. ताला
Behaviour …………… व्यवहार

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लैंसडाऊन जा रहा हूँ

June 27, 2009 · 3 Comments

मुसाफिर भाई के साथ आज लैंसडाऊन जा रहा हूँ. दिल्ली से, मसूरी एक्सप्रैस द्वारा कोटद्वार तक जाएंगे. कोटद्वार से जीप द्वारा लैंसडाऊन तक का सफर तय किया जायेगा. वापिस आकर फोटो और यात्रा-वृतांत लिखुंगा.

तब तक इंतज़ार करें.

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ब्लौग से 50,000 बनाए!!!

May 20, 2009 · 10 Comments

आज मेरा ब्लौग पढने वालों की संख्या 50,000 पार कर गयी है.

मेरे ब्लौग पर आने वालों तथा सभी ब्लौगर बंधुओं ने जिस प्रकार मेरा उत्साह बढाया उसके लिये आप सभी का हार्दिक धन्यवाद.

इस ब्लौग पर मैंने बहुत सी हास्य कवीतायें, शिक्षाप्रद कहानीयां व मेरी अपनी रचनाएं हैं.

मेरी सबसे ज्यादा पढी जाने वाली पोस्ट:

क्या वाकई भगवान हमें देख रहा है
2,989 views

वेद प्रकाश जी की एक “डबल हास्य” कविता
1,988 views

बीरबल का जन्म
1,833 views

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यह भी खूब रही

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क्या आप मराठी जानते हैं?

May 11, 2009 · 8 Comments

शनिवार को गाडी में गैस डलवा रहा था. 10-12 गाडीयाँ मेरे आगे लगी थीं. तभी सडक के पास कुछ लोगों पर नजर पडी. उनमें 3-4 औरतें, कुछ बच्चे और दो युवक थे. दोनों युवक यहाँ-वहाँ कुछ शायद कुछ ढुँढ रहे थे. तभी एक युवक की नजरें मुझसे टकराईं तो वो तुरंत मेरे पास आ गया और बोला, “क्या आप मराठी जानते हैं”. मैंने उत्सुकता में झट से हाँ कह दिया. बस उसने कॉल सेंटर वालों की तरह रटी-रटाई मराठी स्क्रिप्ट सुना दी. मैं बोला यार हिंदी में बोलो क्या बात है. तो उसने वही बात हिंदी में दोहरा दी.

भाई साहब, मैं महाराष्ट्र से काम की तलाश में दिल्ली आया था. यहाँ मेरा भाई ठेकेदारी का काम करता है. पिछले दो महीने से मैं अपने भाई के पास ही काम करता था. लेकिन उसने मुझे पैसे नहीं दिये. इसलिये मैं वापिस गाँव जा रहा हूँ. मेरे साथ मेरी माँ, पत्नि, दो बच्चे और छोट भाई है. हमारे पास जाने के लिये पैसे थोडे कम पड गये हैं. क्या आप दो सौ रूपय की मदद कर सकते हो? हमने कल से खाना भी नहीं खाया.

मैं एक गहरी उलझन में फंस गया था. एक मन कह रहा था कि दे दे यार सौ-दो सौ रूपय में क्या फर्क पडता है और दूसरी तरफ लग रहा था कहीं मुझे ठगने की कोशिश तो नहीं की जा रही. इसी सोच में कुछ मिनिट निकल गये. तभी मेरे पीछे वाली गाडी के हार्न मारने से मेरी सोच टूट गयी. उस लडके की तरफ देखा तो वो गायब था. करीब भागता हुआ मेरे पीछे वाली गाडी के पास खडा होकर गाडी वाले से पूछने लगा, “क्या आप मराठी जानते हैं”…. बस मैं समझ गया कि ये सब ठगने की कोशिश ही है.

उस लडके को शायद मैं पैसे दे देता लेकिन उसके पास इंतजार का समय ही नहीं था. यह कहानी उसकी मजबूरी नहीं ब्लकि ठगी का एक भावनात्मक और सटीक तरीका था. वैसे दिल्ली वालों को ठगना थोडा मुश्किल है लेकिन कोई भी भावनाओं में बह सकता है. कम से कम दो छोटे-छोटे रोते बच्चों को देखकर.

गाडी के टायर बदलवाने थे तो गैस भरवाकर धीरे-धीरे नोएडा की तरफ निकल लिया. गाडी पार्क कर ही रहा था कि तभी एक 28-30 साल का व्यक्ति आया और पूछने लगा, “क्या आप मराठी जानते हैं”. मैंने बोला नहीं और हिंदी में बताओ कि तुम्हारा भाई ठेकेदार है, तुम्हें पैसा नहीं दिया, तुम्हें महाराष्ट्र, यू.पी, बिहार कहाँ जाना है??? इतना सुनने की देर थी वो व्यक्ति बिना एक भी शब्द बोले रफूचक्कर हो गया.

अब समझ नहीं आता कि किस पर विश्वास करें और किस पर नहीं.

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हमारा सुन्दर भविष्य भाईचारे में है, न कि आपसी भेदभाव में
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मेहनत रंग लाई. मेरा फोटो MODEL मैग्ज़ीन के कवर पर छपा

April 2, 2009 · 13 Comments

my_magazine

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कसाब मुंबई से चुनाव लड सकता है-गिलानी. शिवा सेना का विरोध

April 1, 2009 · 8 Comments

मुंबई में 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमले के दौरान जीवित पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी अजमल कसाब ने सोमवार को निचली अदालत के न्यायाधीश के समक्ष कहा है कि वह मुंबई से चुनाव लडना चाहता है.

कसाब के इस बयान पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी का कहना है कि, “क्योंकि पाकिस्तान पहले भारत का ही एक अभिन्न अंग था, इसलिये कानुनन कसाब मुंबई से पंद्रहवी लोकसभा के लिये चुनाव लड सकता है”.

कसाब की इस माँग पर शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे ने विरोध जताया है और कहा है कि हम अदालत में इसके खिलाफ धरना और प्रदर्शन करेंगे.

निचली अदालत के न्यायाधीश ने यह कह कर इस बहस पर विराम लग दिया है कि लोकसभा चुनावों में उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र पच्चीस वर्ष होनी चाहिये इसलिये कसाब चुनाव नहीं लड सकता. ध्यान रहे कि कसाब की उम्र अभी केवल इक्कीस वर्ष ही है.

कृपया अपनी राय टिप्प्णी करें.
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नोट: ऊपर लिखी सभी बातें बकवास और झूठी हैं. कृपया इनको सच ना समझें. मूर्ख दिवस मुबारक हो!!!

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अद्भुत किंतु सत्य!!! गधे को 24 घंटे की जेल

February 17, 2009 · 1 Comment

मिस्र के एक गधे को, फसल चोरी के आरोप में 24 घंटे की जेल की सजा सुनाई गई.

हुआ यूं कि गधे और उसके मालिक दोनों को एक स्थानीय कृषि अनुसंधान संस्थान से मक्का की चोरी करते हुए पाया गया जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. बाद में एक स्थानीय न्यायाधीश ने गधे को 24 घंटे के लिए जेल की सजा सुनाई और गधे के मालिक को US$ 9 का जुर्माना भरना पडा.

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सूरजकुंड मेले की कुछ तस्वीरें

February 8, 2009 · 4 Comments

surajkund
सूरजकुंड मेला प्रवेश द्वार

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रंगीन मेला

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हैंडलूम्स बैग

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नृत्य की शुरूवात

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पार्टनर देश

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रंगोली

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गाँव की छटा

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मध्य प्रदेश – सहायक राज्य

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रंगों का अद्भुत मेल

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कठपुतलीयाँ

surajkund11
कार्टून या रिक्शा

surajkund12
सुंदर लडकी दरवाजा

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सूरजकुंड क्राफ्ट मेला – कुछ जानकारी दीजिये

February 6, 2009 · 1 Comment

सूरजकुंड क्राफ्ट मेले के बारे में यदि कुछ जानकारी आपको हो तो कृपया मुझे बतायें. मसलन :

वहाँ क्या जरूर देखें?
वहाँ क्या जरूर खाऐं?
वहाँ क्या जरूर ले जाऐं?
वहाँ क्या ना करें?
वहाँ क्या खरिददारी करें और क्या ना?
प्रवेश शुल्क के अतिरिक्त क्या वहाँ कुछ और शुल्क भी देना पडेगा? जैसे कठपुतली, नृत्य, फैशन शो इत्यादि.
गाडी पार्किंग का शुल्क कितना है?

मुझे रविवार को वहाँ जाना है मैं पूरी तैयारी के साथ जाना चाहता हूँ.

धन्यवाद.

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हरिद्वार, ऋषिकेश, चम्बा, न्यू टिहरी और टिहरी डैम की सैर – यात्रा भाग-1

January 28, 2009 · 5 Comments

23 जनवरी को शाम को ऑफिस से निकलते-निकलते 7 बज गये. शाम को इस समय गुडगाँव के शंकर चौक पर जाम रोजमर्रा की समस्या है. यहाँ से निकले, तो धौला कुँआ में भी बुरी तरह ट्रैफिक जाम था. किसी तरह रावतुला राम मार्ग से होते हुऐ आर.के.पुरम से निकल कर रिंग रोड पकडा. रिंग रोड पर जाम कम था लेकिन गाडी केवल रेंग भर रही थी.

यह एक लम्बा सप्ताहांत था. रह रह कर अफसोस हो रहा था कि कहीं घूमने जाने का प्रोग्राम क्यों नहीं बन पाया. तभी रमेश का फोन आ गया… हैलो…भैया.. हाँ … कहाँ हो.. हाँ मैं लाजपत नगर में हूँ. भैया जल्दी आ जाओ. क्यों? क्या हुआ. भैया हरिद्वार का प्रोग्राम बन गया है. आप, मैं और रणवीर. अरे वाह! मेरे मुँह से निकल पडा, मजा आ गया. बस फिर क्या था. ड्राईवर को बोला यार थोडा तेज चलाओ और घर पर फोन करके बैग तैयार करने के लिये बोल दिया.

साढे नौ बजे घर पहुँचा, रमेश और रणवीर को फोन किया. रात को ग्यारह बजे निकलने का टाइम फिक्स हुआ. राणा (रणवीर) और रमेश को खाना पैक करने का आर्डर देकर मैं सैलीब्रेशन की तीन बौटल ले आया. करीब पौने ग्यारह बजे रमेश गाडी लेकर मेरे घर के नीचे आ गया और हार्न पर हाथ रख कर बैठ गया. निकलते-निकलते सवा ग्यारह बज गये. राणा तो गाडी में बैठते ही सो गया.

Delhi to Rishiesh

Delhi to Rishiesh

अब प्रोग्राम ये बना की करीब सौ किलोमीटर जाने के बाद खाना खाऐंगे. लेकिन पीना चलता रहेगा. पचास-पचपन की रफतार से गाडी चल रही थी. थोडे-थोडे खुले शीशे से आती ठंडी हवा चहरे से लगातार टकरा रही थी. एक दो बार ठंडी झुर्झुरी से बदन कंपकंपा गया. दो-दो पैग हम मार चुके थे. पिछली सीट पर मैं अकेला था. धीरे-धीरे नींद मुझे अपने आगोश में भरने लगी थी कि तभी एक झटके के साथ गाडी रूक गयी. पिछला टायर पंक्चर था.

tyre-puncture-delhi-to-rishikesh

रमेश ने टायर बदला, मैं फोटो शूट कर रहा था और राणा, आलसी राम, आराम से खडा हुआ हमें बस देख रहा था. बीस मिनट में टायर बदलकर गाडी फिर से सडक पर दौडने लगी.

पेट में चुहे कुद रहे थे. वैसे दाल-मक्खनी और दो नान हम चलती गाडी में ही निपटा चुके थे. मगर टायर बदलते समय सब खाना पच गया. रात के तीन बजे थे, खतौली के पास एक राजस्थान-मारवाडी ढाबे पर गाडी रोक दी.

Rajasthani Marwari Hotel

Rajasthani Marwari Hotel

ढाबे वाले को मटर-पनीर और रोटी का आर्डर देते हुऐ उससे कहा कि हमारी दाल और नान भी गर्म कर दो. वैसे वो सैट (पिये हुऐ) हो रखा था. उसने बिना हील-हुज्जत के साफ मना कर दिया कि मैं नहीं करूंगा. मुझे पता था कि उसे कैसे लाईन पर लाना है.

Dhabe Wala - Delhi to Rishikesh Enroute

Dhabe Wala - Delhi to Rishikesh Enroute

मैंने झट से कैमरा निकाला और उसको एक स्माईल देने के लिये कहा. वो खुश हो गया और एक पोज़ दिया.

Dhabe Wala With His Beta

Dhabe Wala With His Beta

उसके बाद वो बोला, “एक फोटो मेरी, मेरे बेटे के साथ भी”. दोनों की दो फ़ोटो ले ली. अब वो बोला, “साहब, जरा दाल और नान देना गर्म करना है”. ये फोटो वाली ट्रिक मैंने कई बार ट्राई की है अधिकतर बात बन जाती है.

गर्मागर्म मटर पनीर खाने में मजा आ गया. राणा ने गरम पनीर मुँह में डाला तो उसका मुँह खुला का खुला ही रह गया.

Ramesh and Rana having dinner

Ramesh and Rana having dinner

Hot Mutter Paneer

Hot Mutter Paneer

साढे तीन बज गये थे. खाने के बाद एक-एक कप चाय पी कर हम फिर निकल पडे अपनी मंजिल की ओर.

करीब 6 बजे हम हरिद्वार पहुँच गये थे. बीच में आधा-पौना घंटा मैंने चुपके से नींद निकाल ली थी………………

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