क्यों रोती है लडकियाँ? अपने जन्म पर April 3, 2008
Posted by pryas in Uncategorized.trackback
क्यों रोती है लडकियाँ?
अपने जन्म पर.
क्यों मुँह बनाती है दाई?
अब कुछ ना मिलेगा, सोचकर.
क्यों मुँह बनाती है माँ?
अपना जिगर का टुकडा, देखकर.
क्यों मुँह बनाता है बाप?
खर्च दहेज का, सोचकर.
और क्यों मुँह बनाता है भाई?
अपनी बहन को देखकर.
…कहता है मेरा मन
आज ये सोचकर,
कि काश,
लडकियाँ लगती,
पेडपर,
होती ज़रूरत जिसकी,
तो,
तोड लेते,
वरना . . . झड जाती, गिर जाती और मर जाती सुखकर.










bahut hi bhavbhini rachna.. sochne par majboor karti hai.. badhaai