मम्मी, पापा अभी तक क्यों नहीं आये?
मम्मी, पापा का नाश्ता बन गया क्या?
मम्मी, आप पापा से क्यों झगडती हो?
मम्मी, पापा आज मेरे लिये क्या लाये?
मम्मी, पापा सो गये क्या?
मम्मी, पापा मुझे प्यार तो करते हैं ना?
मम्मी,
मम्मी, एक आखरी सवाल…
…पापा कहीं मुझे मार तो नहीं देंगे?
बोलो ना मम्मी…
इतने सारे सवाल करती है,
माँ के पेट से…
… अ-जन्मी बेटी.
और माँ केवल अंतिम सवाल का ही उत्तर दे पाती है,
हाँ… शायद हाँ…


5 responses so far ↓
halchal // February 11, 2008 at 6:45 pm |
ओह, बहुत सजीव, बहुत मार्मिक!
विनय प्रजापति // February 11, 2008 at 7:36 pm |
यह समाज का आइना है, एक प्रश्नचिह्न ‘ ? ‘
mehhekk // February 11, 2008 at 7:47 pm |
bahut marmik rachana hai,nanhi beti bas sawal karti hai,maa jawab mein roti hai.
amijha // February 11, 2008 at 8:16 pm |
bitiya hi sab kuch hai..wo nahi to aage duniya nahi…
wo hi to janani hai, wo hi to prem hai
wo to maya hi, wo hi to sneh hai
bitiya hi to sab kuch hai
rahul // March 27, 2008 at 3:09 pm |
???