गधा कौन? (अकबर-बीरबल) November 18, 2007
Posted by pryas in अकबर-बीरबल.Tags: बीरबल, महाराजा अकबर, यह भी खूब रही
trackback
एक बार अकबर अपने दो बेटों के साथ नदी के किनारे गये. साथ में बीरबल भी थे. दोनों बटों ने अपने कपडे उतारे और नदी मे नहाने उतर गये. बीरबल को उन्होंने अपने कपडों की रखवाली करने के लिये कहा.
बीरबल नदी किनारे बैठ कर उन दोनों के आने का इंतज़ार करने लगे. कपडे उन्होंने अपने कन्धों पर रखे हुए थे. बीरबल को इस अवस्था में खडे देख अकबर के मन में शरारत सूझी. उन्होंने बीरबल को कहा, “बीरबल तुम्हे देख कर ऐसा लग रह है जैसे धोबी का गधा कपडे लाद कर खडा हो”.
बीरबल ने झट से जवाब दिया, ” महराज धोबी के गधे के पास केवल एक गधे का ही बोझ होता है किंतु मेरे पास तो तीन-तीन गधों का बोझ है”.
महाराजा अकबर निरूत्तर हो गए.










हाहा.. सिर्फ एक सुधार कर लें “अकबर ने झट से जवाब दिया,” की जगह “बीरबल ने झट से जवाब दिया” ।
मजेदार
अकबर -बीरबल को याद दिलने के लिये शुक्रिया !
;(
नितिन जी, प्रभात जी व परमजीत जी,
आप सभी का धन्यवाद. ह्र्दय गदगद हो जाता है आप लोगों की टिप्प्णियाँ पढ कर.
नितिन जी, मैनें अपनी गलती सुधार ली है, आपका अत्यधिक आभारी हूँ.