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मेरे देश के नेता पैसा नहीं खाते… यह सच है July 20, 2007

Posted by pryas in बातें अजब-गजब.
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अगर किसी देश के राष्ट्र्पति की कुल पूंजी केवल रू. १४३२/- हो तो… क्यों विश्वास नहीं होता। जी हाँ! यह सच है।

आज भारत जैसे देश में, जहाँ नेता बेशर्मों की तरह अपनी अकूत संपत्ति का राग अलापते फिरते हैं वहीं एक बैंक एसा भी है जो फक्र के साथ चालीस वर्ष पुराने एक बचत खाते को चालू रखे हुए है। इस खाते में केवल रू. १४३२/- हैं। यह खाता किसी और का नहीं बल्कि हमारे देश के प्रथम राष्ट्र्पति डा. राजेन्द्र प्रसाद जी का है। यह बचत खाता संख्या ३०६८, पंजाब नेशनल बैंक, एग्ज़ीबिशन रोड, पटना पिछले ४४ वर्षों से चालू है।

यह छोटी सी बकाया राशि दर्शाती है कि राजेन्द्र बाबू कितने ईमानदार शख्सियत के मालिक थे।

बैंक के मुख्य प्रबंधक पी. के. सिकदर के अनुसार,”हमने इस खाते को राजेन्द्र बाबू के निधन के बाद भी उनके सम्मान-स्वरूप बंद न करने का फैसला किया था। वैसे भी उनके परिवार के किसी सदस्य ने दावा भी नहीं किया”। बैंक ने २६ जून, २००७ को इस खाते की सार्वजनिक घोषणा की थी। लेकिन एक बात का बैंक को अफसोस है कि वो राजेन्द्र बाबू के हस्ताक्षरों को सुरक्षित नहीं रख सके।

Comments»

1. Gurpreet - July 20, 2007

Aaj kal ke neta to Chor hai kha ke bhi pet nahi bharta..
dhaney hai Doctor Sahab

2. समीर लाल - July 20, 2007

जानकारी के लिये आभार.

3. ravi prakash - July 20, 2007

kash. koi sikhta. dua karo ki aj ke neta ese samjhe.

4. prakruti - August 1, 2007

Jitane bhi neta sab saale chor hain. yah sab jaanate hain. sab samajhate hain. janata jo unako chunakar bhejati hai , vah bhi janati hai. lekin janata bar bar in sab churkaton ko chunakar bhejati hai. Kyon ?